Showing posts with label Hindi Fonts SMS. Show all posts
Showing posts with label Hindi Fonts SMS. Show all posts

कर्म का त्याग मुक्ति नहीं है।

कर्म को स्वार्थ से परमार्थ की ओर ले जाना ही मुक्ति है। कर्म का त्याग मुक्ति नहीं है।
- रवींद्रनाथ ठाकुर

तेरे को तैरना आता है?

चिंटू : तेरे को तैरना आता है?
बंटू : नही!
चिंटू : तेरे बराबर के तो कुत्ते भी तैर लेते हैं।
बंटू : तेरे को तैरना आता हैं?
चिंटू : हां, बिल्कुल।
बंटू : फिर तेरे और कुत्ते में क्या फर्क है?